खोजते हैं ख़ुद को, अवतारों को खोजते हैं,
चलो होने ना होने के, विचारों को खोजते हैं.
चलो होने ना होने के, विचारों को खोजते हैं.
खोजते हैं रास्ते, इशारों को खोजते हैं,
ख़ुद से ही ख़ुद के, नज़ारों को खोजते हैं.
खोजते हैं चाँद को, सितारों को खोजते हैं,
असीमित अनंत के, भंडारों को खोजते हैं.
खोजते हैं दर को, दयारों को खोजते हैं,
जो तोड़नी है ऐसी, दीवारों को खोजते हैं.
खोजते हैं सागर को, विस्तारों को खोजते हैं,
दरिया में डूबकर, किनारों को खोजते हैं.
खोजते हैं बाग को, बयारों को खोजते हैं,
जो खोजती हैं मुझको, बहारों को खोजते हैं.
खोजते हैं अर्श को, आकारों को खोजते हैं,
जो खुदा करे ख़ुद को, संस्कारों को खोजते हैं.
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