Monday, 29 December 2025

यही तो वक्त है...

 

यही तो वक्त है, वक्त के बदलने का,

उठने का, चलने का, घर से निकलने का,

यही तो वक्त है, वक्त के बदलने का...

 

कुछ पुराने घाव हैं, कुछ अधुरे ख़्वाब हैं,

घावों के भरने का, ख्वाबों के मचलने का,

यही तो वक्त है, वक्त के बदलने का...

 

घोर घना अँधेरा है, मुसीबतों का घेरा है,

आशा की, उम्मीदों की, मशालों के जलने का,

यही तो वक्त है, वक्त के बदलने का...

 

थकना चाहते हो, रुकना चाहते हो, हारना चाहते हो,

पूरी शक्ति समेट कर, एक एक इंच चलने का,

यही तो वक्त है, वक्त के बदलने का...

 

क्या होगा, कब होगा, कैसे होगा,

जो होगा अच्छा होगा, सवालों से निकलने का,

यही तो वक्त है, वक्त के बदलने का...

 

कुछ वक्त लग सकता है, पर बदलेगा ज़रूर,

बस थोड़ा-थोड़ा-थोड़ा करके, थोड़ा और सम्भलने का,

यही तो वक्त है, वक्त के बदलने का...


दृष्टि के बदलने का, सृष्टि के बदलने का,

व्यष्टि के बदलने का, समष्टि के बदलने का,

यही तो वक्त हैवक्त के बदलने का...


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